कातिल मां की डरावनी तस्वीर दिल दहला देने वाली कहानी

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प्रस्तुत है: कातिल मां की डरावनी तस्वीर दिल दहला देने वाली कहानी


इस कातिल मां की डरावनी तस्वीर कहानी में नाम पत्र सभी एक संजोग मात्र है,  यह एक सच्ची घटना पर काल्पनिक कहानी है ।

लेकिन इसमें जिंदगी की सच्चाइयों को उजागर किया गया है।

चारों तरफ दशहरा  की धूम थी चारों तरफ डीजे का शोर हो रहा था,  गांव में जुलूस घूम रहा था.
झाड़ियां के बीच सुनसान सुमन चिल्ला रही थी.

” बचाओ बचाओ बचाओ…….”

लेकिन डीजे का शोर इतना जोरदार था, की सुमन की किलकारियां

 

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दशहरा की धूम , सुमन की मौत 

 

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किसी के कानों तक नहीं पहुंच रही थी ।
पूरा गांव दशहरा मनाने की खुशी में हर्षो उल्लास में भरा था।

की सुमन की मां सुशीला थाना पहुंची , और अपनी बेटी सुमन के गुण नाम होने

की रिपोर्ट थाने में लिखवाई।घटना बिशनगढ़ का था,

बिशनगढ़ की पुलिस दुर्गा पूजा को लेकर पूरी तरीके से सतर्क थी।

पुलिस ने अपना तू देखी और तुरंत सुमन की तलाश में जुड़

गई दो-चार घंटे तलाश के बाद , आखिरकार सुमन की लाश दर्दनाक हालत में मिली।

सुमन का जीव काट दिया गया था सर फोड़ दिया गया था, घुटने तोड़ दिए गए थे ।

 

सुमन की दर्दनाक मौत 

 


और पेशाब के रास्ते में लकड़ी डाल दिया गया था,
ऐसी मौत जिसे देखकर सभी की रूप आप उठी पूरा गांव पूरा शहर और देखते-देखते

पूरा हिंदुस्तान सुमन के कातिल को पकड़ने के तलाश में जुड़ गई।
सुमन के गांव का एक भाजपा प्रत्याशी भीमराव पूरे गांव का सरपंच था

वह उसके समर्थन में आया सुमन के हत्यारे को खोजने में पूरी तरीके से समर्थन में आया.

जितने भी डाल के नेता थे सभी ने सुमन के घर पर आना-जाना तेज कर दिया

मीडिया वालों की लाइन लग गई और देखते ही देखते सुमन के हत्याकांड का

मामला पूरे देश में गर्माहट का रूप ले लिया.
पुलिस प्रशासन पर हाई कोर्ट से दबाव आने लगे क्योंकि मामला

एक 11 मासूम लड़की सुमन था .
मीडिया वाले आते हैं और सुमन की मां से पूछते हैं.


” आप सुमन की मां है आपके साथ आपकी बेटी जुलूस में गई हुई थी क्या आप बता सकती हो”

“कि आपको किसी पर शक है,कोई आपका दुश्मन है ,जो सुमन का रेप और मर्डर कर सकता है. ”

सुमन की मां मीडिया वालों के सामने रोटी भी लगाती हुई रहती है.
“नहीं मेरी बेटी का किसी से कोई दुश्मनी नहीं था ,”

 

सुमन के हत्यारा के जांच 


“किसी से कोई प्यार मोहब्बत भी नहीं था , ना जाने किसकी नजर लग गई मेरी बेटी के ऊपर। ”

पुलिस प्रशासन से जब यह मामला नहीं समझ रहा था तो पुलिस प्रशासन ने

हजारी बाग के सीआईडी इंस्पेक्टर और सीआईडी एसपी का सहारा लिया।
चार दिनों के अंदर पुलिस प्रशासन ने सुमन के घर पर छापा मारा।

और काफी मस्कत के बाद प्लीज प्रशासन को एक महिला का सुराग मिला ,

जिसका नाम कलावती था कलावती गांव में भक्ति नहीं झाड़ फूंक का काम करती थी।
उसने जो खुलासा किया उसे सुनकर पूरे हिंदुस्तान की दिल की धड़कनें कहां कांप उठी ,  और सभी के रोमटे  खड़े हो गए ।

आप पुलिस प्रशासन सुमन के मां के पास पहुंचती है जहां झाड़ फूंक करने वाली

भागतीन  कलावती सुमन की मां और गांव का सरपंच कहा जाने वाला भीमराव उपस्थित था।

पुलिस ने कहा अब सच-सच तुम लोग बताओ कैसे-कैसे सुमन को मारे और क्या मामला था ,

अगर नहीं मारे तो 1 मिनट के अंदर तुम लोगों को सूट कर देंगे।

आप पुलिस के पास पुख्ता सबूत और गवाह भी साथ-साथ था ,

इसलिए कोई भी झूठ नहीं बोल सकता था , पुलिस ने सभी को हथकड़ियां लगे और थाने ले गए।

 

सुमन के मौत का खुलासा दिल दहला देगा 

 

काफी पूछताछ के बाद सुमन की मां ने खुलासा किया।
“सर अपनी बेटी को मैंने ही मार डाला , मेरे बेटा बीमार रहता था,

और भगतिन कलावती ने बताया ने बताया ।
अगर तुम अपने बेटी की बलि दे दो अष्टमी की रात में तो तुम्हारे घर से सारे क्लेश दूर हो जाएगी

और तुम्हारे पास बहुत सारा रुपया पैसा आने लगेगा। ”
” मैंने भगतिन कलावती की बात मान ली ,और भीमराम को यह बात बताई ,

भीमराम से मैं 10 साल से मोहब्बत करती थी । ”
मैंने बेटी को बेहला फुसला कर जुलूस में ले गई,

और मौका देकर सुनसान जगह पर ले गई जहां भीमराम ,

कलावती ने मेरी बेटी को यह हसर किया । और साथ में मैं भी थी । ”

“पहले सर पर चोट मारे फिर गिर जाने के बाद उसके जीव काटे ,फिर भीमराम ने

उसके साथ अपनी प्यास बुझाई । और उसके पेशाब के रास्ते में लकड़ी डाल दिया”
पुलिस ने सवाल किया :
“तो फिर तुम लोगों ने पुलिस कंप्लेंट क्यों किया ? और भीमराम तुम जिंदा जला दो,

जिंदा काट दो की बात क्यों कर रहे थे।”
” सर पुलिस को गुमराह करने के लिए मुझे लगा

कि ऐसा करने से हम लोगों पर कोई शक नहीं करेगा”

इस प्रकार सभी ने अपना अपना जुर्म कबूल किया और सभी को कड़ी से कड़ी सजा दी गई.

दोस्तों आप इस कुत्तिया मां के लिए क्या कहना चाहेंगे कमेंट में जरूर बताएं.

यह एक बनावट कहानी है , इसमें मिलता जुलता नाम या स्थान सिर्फ मिलता जुलता सिर्फ एक संजोग है.

कहानी से सीख

कातिल मां की डरावनी तस्वीर : सजग रहे हैं , सतर्क रहें ,और अंधविश्वास के चक्कर में ना पड़े, ना किसी को पड़ने दे , शिक्षित बने समझदार बने.
ढोंगी बाबा और ढोंगी महिलाएं के चक्कर में ना पड़े सही ज्ञान ही आपके जीवन को सार्थक बन सकता है ।

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