रिश्तो में गांठ सामाजिक कहानी Knot in Relationships Social Story

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रिश्तो में गांठ सामाजिक कहानी : यह सामाजिक हिन्दी कहानी मे सामाजिक आपस तालमेल को दिखया गया है , अकहनी आकची लागि तो  कहनी को शेयर जरूर करे । 

मंजू की बेटी गीता का जन्मदिन पार्टी है और आज बहुत सारे मेहमान घर पर आने वाले हैं

तो चारों तरफ सजावट लाइट एवं खुशियों का खुशनुमा माहौल बना हुआ है.

घर पर तरह-तरह के लोग आए हुए हैं . खाने-पीने का पूरी तरीके से उत्तम प्रबंध किया

हुआ है मंजू के मायके वाले भी आए हुए हैं.

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मौज मस्ती

 

खाने-पीने के बाद लोग अपना अपना मौज मस्ती करने लगे डीजे बज रहा था।

डीजे के ताल पर सभी लोग ठुमके लगा रहे थे की मंजू के गांव वाले और मंजू के

मायके वालों लड़कों के बीच में डांस करते-करते ठेला ढाकली हो गया।

और ठेला ढाकली में यह ठेला ढाकली लड़ाई का रूप ले लिया.

बातों ही बातों में यह झगड़ा इतना उलझ गया की मामला मारपीट तक जा पहुंचा।

मंजू के गांव वाले और मंजू के मायके वालों के बीच जबरदस्त लड़ाई 

और मंजू के गांव वाले और मंजू के मायके वालों के बीच में एक जबरदस्त लड़ाई होने लगा।

मंजू के मायके वालों ने मंजू के गांव वालों के दो चार लड़कों को बहुत  बुरी तरीके से पिटाई कर दिए

और रात ही रात वहां से भाग गए।

यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ अगले दिन मंजू के ऊपर गांव वालों ने समाज बिठा दिया

और उसे तरह-तरह की बातें कहने लगे जिसके घर वाले जख्मी हुए थे

उन लोगों के मां-बाप भी मंजू के ऊपर तरह-तरह के बातें कहने लगे।

मंजू की हालत बहुत गंभीर

 

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इधर मंजू के भाई लोग अपने घर गए और सब कुछ भूलकर एक नई शुरुआत में लग गए ।

बीते दिन मंजू के ऊपर गांव वाले का दबाव बढ़ने लगा और गांव वालों की बहुत कहा सुनी होने लगी उसके भाई के बारे में तरह-तरह के गलियां तरह-तरह के बातें सभी लोग कहने लग।

एक दिन बिता दो दिन बीता इस तरह से कई दिन बीते चले गए और वक्त

के साथ में गांव वाले और भी मजे के ऊपर कहा सुनी करने लगे और मंजू धीरे-धीरे डिप्रेशन में जाने लगी।

बहुत चिंता फिक्र से मंजू की तबीयत बिगड़ गई और तबीयत ऐसी बिगड़ी

की मात्र दो महीने में ही मंजू की हालत बहुत गंभीर हो गई।

डॉक्टर ने बताया कि इसके दिल के ऊपर बहुत बड़ा सदमा लगा है

जिसके कारण इसका तबियत बिगड़ ही जा रहा है।

बहुत इलाज करने के बाद भी डॉक्टर लोग मंजू को नहीं बचा पाए

और मंजू इस प्रकार से दुनिया को अलविदा कह दी।

मंजू के मृत्यु के बाद

मंजू के मृत्यु के बाद इसके भाई साहब 10 संस्कार में शामिल हुए और बातों ही बातों में

उसे दिन भी उसके गांव वाले बदला लेने की भावना से इसके

भाई के साथ में झगड़ा कर दिए और इस बार इसके भाई को लोगों को भी बहुत बुरी तरीके से पीटा गया ।

कल जो भाई अपने आप को शेर समझ रहे थे आज उसे चूहा बनाकर उसके गांव से भागना पड़ा ।

अब मंजू के बच्चे सब की जिंदगी जैसे तैसे बीत रही है मजदूरी ना पेट भर रहा है ना आवश्यकता है। पूरी हो रही है।

और इस प्रकार से मंजू के भाई का उसे गांव से रिश्ता ऐसा टूटा कि अब उसे गांव में जाने से भी डर लगता है।

कहानी से सीख

रिश्तो में गांठ सामाजिक कहानी Knot in Relationships Social Story:

इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि रिश्तो में कभी भी दरार नहीं आने देना चाहिए ।

और अभिमानी कभी नहीं बनना चाहिए क्योंकि घमंड सभी का एक न एक दिन चूर-चूर हो ही जाता है.

अगर कुछ बनना है तो नेक दिल इंसान बनिए करना है तो अच्छाई कीजिए

किसी का बुरा सोचने वाले का कभी बुरा नहीं होता।

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KISSA KAHANI